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सुनन इब्न माजा

नंबर 780

नंबर 780किताब 4, नंबर 46
حَدَّثَنَا إِبْرَاهِيمُ بْنُ مُحَمَّدٍ الْحَلَبِيُّ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ الْحَارِثِ الشِّيرَازِيُّ، حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ مُحَمَّدٍ التَّمِيمِيُّ، عَنْ أَبِي حَازِمٍ، عَنْ سَهْلِ بْنِ سَعْدٍ السَّاعِدِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لِيَبْشَرِ الْمَشَّاءُونَ فِي الظُّلَمِ إِلَى الْمَسَاجِدِ بِنُورٍ تَامٍّ يَوْمَ الْقِيَامَةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Sahl bin Sa'd As-Sa'idi said:"The Messenger of Allah said: 'Give glad tidings, to those who walk to the mosques in the dark, of perfect light on the Day of Resurrection
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book On The Mosques And The Congregations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।