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सुनन इब्न माजा

नंबर 757

नंबर 757किताब 4, नंबर 23
حَدَّثَنَا هِشَامُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ سُلَيْمَانَ بْنِ أَبِي الْجَوْنِ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ صَالِحٍ الْمَدَنِيُّ، حَدَّثَنَا مُسْلِمُ بْنُ أَبِي مَرْيَمَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ مَنْ أَخْرَجَ أَذًى مِنَ الْمَسْجِدِ بَنَى اللَّهُ لَهُ بَيْتًا فِي الْجَنَّةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Sa'eed Al-Khudri said:"The Messenger of Allah said: 'Whoever removes something harmful from the mosque, Allah will build for him a house in Paradise
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 4 · The Book On The Mosques And The Congregations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।