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सुनन इब्न माजा

नंबर 4322

नंबर 4322किताब 37, नंबर 223
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا بَكْرُ بْنُ عَبْدِ الرَّحْمَنِ، حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ الْمُخْتَارِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ عَطِيَّةَ الْعَوْفِيِّ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ إِنَّ الْكَافِرَ لَيَعْظُمُ حَتَّى إِنَّ ضِرْسَهُ لأَعْظَمُ مِنْ أُحُدٍ وَفَضِيلَةُ جَسَدِهِ عَلَى ضِرْسِهِ كَفَضِيلَةِ جَسَدِ أَحَدِكُمْ عَلَى ضِرْسِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Sa’eed Al-Khudri that the Prophet (ﷺ) said:“The disbeliever will be made huge so much so that his molar will be bigger than (Mount) Uhud, and the size of his body in relation to his molar will be like the size of the body of anyone of you in relation to his molar.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।