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सुनन इब्न माजा

नंबर 4320

नंबर 4320किताब 37, नंबर 221
حَدَّثَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ مُحَمَّدٍ الدُّورِيُّ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي بُكَيْرٍ، حَدَّثَنَا شَرِيكٌ، عَنْ عَاصِمٍ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ أُوقِدَتِ النَّارُ أَلْفَ سَنَةٍ فَابْيَضَّتْ ثُمَّ أُوقِدَتْ أَلْفَ سَنَةٍ فَاحْمَرَّتْ ثُمَّ أُوقِدَتْ أَلْفَ سَنَةٍ فَاسْوَدَّتْ فَهِيَ سَوْدَاءُ كَاللَّيْلِ الْمُظْلِمِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Prophet (ﷺ) said:“The Hell-Fire was kindled for one thousand years and turned white. Then it was kindled for another thousand years and it turned red. Then it was kindled for another thousand years and it turned black. So it is black like the darkest night.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।