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सुनन इब्न माजा

नंबर 4305

नंबर 4305किताब 37, नंबर 206
حَدَّثَنَا حُمَيْدُ بْنُ مَسْعَدَةَ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ الْحَارِثِ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ قَتَادَةَ، قَالَ قَالَ أَنَسُ بْنُ مَالِكٍ قَالَ نَبِيُّ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ يُرَى فِيهِ أَبَارِيقُ الذَّهَبِ وَالْفِضَّةِ كَعَدَدِ نُجُومِ السَّمَاءِ ‏"‏ ‏.‏
Anas bin Malik narrated that the Prophet (ﷺ) said:‘One can see in it (the Cistern) jugs of gold and silver, like the number of stars in the sky.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।