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सुनन इब्न माजा

नंबर 4301

नंबर 4301किताब 37, नंबर 202
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ بِشْرٍ، حَدَّثَنَا زَكَرِيَّا، حَدَّثَنَا عَطِيَّةُ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ إِنَّ لِي حَوْضًا مَا بَيْنَ الْكَعْبَةِ وَبَيْتِ الْمَقْدِسِ أَبْيَضَ مِثْلَ اللَّبَنِ آنِيَتُهُ عَدَدُ النُّجُومِ وَإِنِّي لأَكْثَرُ الأَنْبِيَاءِ تَبَعًا يَوْمَ الْقِيَامَةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Sa’eed Al-Khudri that the Prophet (ﷺ) said:“I have a Cistern, (as large as the distance) between the Ka’bah and Baitul-Maqdis (Jerusalem). (It is) whiter than milk, and its vessels are the number of the stars. I will be the Prophet with the most followers on the Day of Resurrection.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।