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सुनन इब्न माजा

नंबर 4246

नंबर 4246किताब 37, नंबर 147
حَدَّثَنَا هَارُونُ بْنُ إِسْحَاقَ، وَعَبْدُ اللَّهِ بْنُ سَعِيدٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ، عَنْ أَبِيهِ، وَعَمِّهِ، عَنْ جَدِّهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ ‏:‏ سُئِلَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏:‏ مَا أَكْثَرُ مَا يُدْخِلُ الْجَنَّةَ قَالَ ‏:‏ ‏"‏ التَّقْوَى وَحُسْنُ الْخُلُقِ ‏"‏ ‏.‏ وَسُئِلَ ‏:‏ مَا أَكْثَرُ مَا يُدْخِلُ النَّارَ قَالَ ‏:‏ ‏"‏ الأَجْوَفَانِ ‏:‏ الْفَمُ وَالْفَرْجُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said:“The Prophet (ﷺ) was asked: ‘What most admits people to Paradise?’ He said: ‘Piety and good manners.’ And he was asked: ‘What most leads people to Hell?’ He said: ‘The two hollow ones: The mouth and the private part.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।