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सुनन इब्न माजा

नंबर 4243

नंबर 4243किताब 37, नंबर 144
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ مَخْلَدٍ، حَدَّثَنِي سَعِيدُ بْنُ مُسْلِمِ بْنِ بَانَكَ، قَالَ سَمِعْتُ عَامِرَ بْنَ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الزُّبَيْرِ، يَقُولُ ‏:‏ حَدَّثَنِي عَوْفُ بْنُ الْحَارِثِ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ قَالَ لِي رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏:‏ ‏ "‏ يَا عَائِشَةُ إِيَّاكِ وَمُحَقَّرَاتِ الأَعْمَالِ فَإِنَّ لَهَا مِنَ اللَّهِ طَالِبًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that ‘Aishah said:“The Messenger of Allah (ﷺ) said to me: ‘O ‘Aishah, beware of (evil) deeds that are regarded as insignificant, for they have a pursuer from Allah. (i.e. accountability).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।