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सुनन इब्न माजा

नंबर 4199

नंबर 4199किताब 37, नंबर 100
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ إِسْمَاعِيلَ بْنِ عِمْرَانَ الدِّمَشْقِيُّ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ يَزِيدَ بْنِ جَابِرٍ، حَدَّثَنِي أَبُو عَبْدِ رَبٍّ، قَالَ سَمِعْتُ مُعَاوِيَةَ بْنَ أَبِي سُفْيَانَ، يَقُولُ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ إِنَّمَا الأَعْمَالُ كَالْوِعَاءِ إِذَا طَابَ أَسْفَلُهُ طَابَ أَعْلاَهُ وَإِذَا فَسَدَ أَسْفَلُهُ فَسَدَ أَعْلاَهُ ‏"‏ ‏.‏
Mu’awiyah bin Abu Sufyan said:“I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: ‘Deeds are like vessels. If the lower part is good then the upper part will be good, and if the lower part is bad then the upper part will be bad.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।