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सुनन इब्न माजा

नंबर 4174

नंबर 4174किताब 37, नंबर 75
حَدَّثَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، حَدَّثَنَا أَبُو الأَحْوَصِ، عَنْ عَطَاءِ بْنِ السَّائِبِ، عَنِ الأَغَرِّ أَبِي مُسْلِمٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ يَقُولُ اللَّهُ سُبْحَانَهُ الْكِبْرِيَاءُ رِدَائِي وَالْعَظَمَةُ إِزَارِي مَنْ نَازَعَنِي وَاحِدًا مِنْهُمَا أَلْقَيْتُهُ فِي جَهَنَّمَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Allah, the Glorified, says: ‘Pride is My cloak and greatness My robe, and whoever competes with Me with regard to either of them, I shall throw him into Hell.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।