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सुनन इब्न माजा

नंबर 4154

नंबर 4154किताब 37, नंबर 55
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ طَرِيفٍ، وَإِسْحَاقُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ بْنِ حَبِيبٍ، قَالاَ حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ فُضَيْلٍ، عَنْ مُجَالِدٍ، عَنْ عَامِرٍ، عَنِ الْحَارِثِ، عَنْ عَلِيٍّ، قَالَ أُهْدِيَتِ ابْنَةُ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ إِلَىَّ فَمَا كَانَ فِرَاشُنَا لَيْلَةَ أُهْدِيَتْ إِلاَّ مَسْكَ كَبْشٍ ‏.‏
It was narrated that ‘Ali said:“The daughter of the Messenger of Allah (ﷺ) was permitted to me as a bride, and our bed on the night when she was presented to me, was no more than the hide of a ram.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।