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सुनन इब्न माजा

नंबर 4130

नंबर 4130किताब 37, नंबर 31
حَدَّثَنَا الْعَبَّاسُ بْنُ عَبْدِ الْعَظِيمِ الْعَنْبَرِيُّ، حَدَّثَنَا النَّضْرُ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا عِكْرِمَةُ بْنُ عَمَّارٍ، حَدَّثَنِي أَبُو زُمَيْلٍ، - هُوَ سِمَاكٌ - عَنْ مَالِكِ بْنِ مَرْثَدٍ الْحَنَفِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي ذَرٍّ، قَالَ قَالَ رَسُولُ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ الأَكْثَرُونَ هُمُ الأَسْفَلُونَ يَوْمَ الْقِيَامَةِ إِلاَّ مَنْ قَالَ بِالْمَالِ هَكَذَا وَهَكَذَا وَكَسَبَهُ مِنْ طَيِّبٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Dharr that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“The wealthiest will be the lowest on the Day of Resurrection, except those who do such and such with their money, and earn it from good sources.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Hasan SahihAl-Albani
  • Hasan SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।