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सुनन इब्न माजा

नंबर 4118

नंबर 4118किताब 37, नंबर 19
حَدَّثَنَا كَثِيرُ بْنُ عُبَيْدٍ الْحِمْصِيُّ، حَدَّثَنَا أَيُّوبُ بْنُ سُوَيْدٍ، عَنْ أُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي أُمَامَةَ الْحَارِثِيِّ، عَنْ أَبِيهِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ الْبَذَاذَةُ مِنَ الإِيمَانِ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ الْبَذَاذَةُ الْقَشَافَةُ يَعْنِي التَّقَشُّفَ ‏.‏
It was narrated from ‘Abdullah bin Abi Umamah Al-Harithi that his father said:“The Messenger of Allah (ﷺ) said: ‘Simplicity is part of faith.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 37 · Zuhd

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।