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सुनन इब्न माजा

नंबर 4089.2

नंबर 4089.2किताब 36, नंबर 165
حَدَّثَنَا عَبْدُ الرَّحْمَنِ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدِّمَشْقِيُّ، حَدَّثَنَا الْوَلِيدُ بْنُ مُسْلِمٍ، حَدَّثَنَا الأَوْزَاعِيُّ، عَنْ حَسَّانَ بْنِ عَطِيَّةَ، بِإِسْنَادِهِ نَحْوَهُ وَزَادَ فِيهِ فَيَجْتَمِعُونَ لِلْمَلْحَمَةِ فَيَأْتُونَ حِينَئِذٍ تَحْتَ ثَمَانِينَ غَايَةٍ تَحْتَ كُلِّ غَايَةٍ اثْنَا عَشَرَ أَلْفًا ‏.‏
Another chain with a similar report to which he added:"They will gather for the fierce battle, and at that time they will come with eighty banners, under each of which will be twelve thousand troops

स्रोत में इस रिवायत का कोई दर्जा दर्ज नहीं है।

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।