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सुनन इब्न माजा

नंबर 4072

नंबर 4072किताब 36, नंबर 147
حَدَّثَنَا نَصْرُ بْنُ عَلِيٍّ الْجَهْضَمِيُّ، وَمُحَمَّدُ بْنُ بَشَّارٍ، وَمُحَمَّدُ بْنُ الْمُثَنَّى، قَالُوا حَدَّثَنَا رَوْحُ بْنُ عُبَادَةَ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ أَبِي عَرُوبَةَ، عَنْ أَبِي التَّيَّاحِ، عَنِ الْمُغِيرَةِ بْنِ سُبَيْعٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ حُرَيْثٍ، عَنْ أَبِي بَكْرٍ الصِّدِّيقِ، قَالَ حَدَّثَنَا رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ أَنَّ الدَّجَّالَ يَخْرُجُ مِنْ أَرْضٍ بِالْمَشْرِقِ يُقَالُ لَهَا خُرَاسَانُ يَتْبَعُهُ أَقْوَامٌ كَأَنَّ وُجُوهَهُمُ الْمَجَانُّ الْمُطْرَقَةُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Bakr Siddiq said:"The Messenger of Allah (ﷺ) told us: 'Dajjal will emerge in a land in the east called Khorasan, and will be followed by people with faces like hammered shields
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।