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सुनन इब्न माजा

नंबर 4040

नंबर 4040किताब 36, नंबर 115
حَدَّثَنَا هَنَّادُ بْنُ السَّرِيِّ، وَأَبُو هِشَامٍ الرِّفَاعِيُّ مُحَمَّدُ بْنُ يَزِيدَ قَالاَ حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ عَيَّاشٍ، حَدَّثَنَا أَبُو حَصِينٍ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ بُعِثْتُ أَنَا وَالسَّاعَةُ كَهَاتَيْنِ ‏"‏ ‏.‏ وَجَمَعَ بَيْنَ إِصْبَعَيْهِ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“I and the Hour have been sent like these two,” and he held up his two fingers together
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।