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सुनन इब्न माजा

नंबर 4038

नंबर 4038किताब 36, नंबर 113
حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا طَلْحَةُ بْنُ يَحْيَى، عَنْ يُونُسَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ أَبِي حُمَيْدٍ، - يَعْنِي مَوْلَى مُسَافِعٍ - عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لَتُنْتَقَوُنَّ كَمَا يُنْتَقَى التَّمْرُ مِنْ أَغْفَالِهِ فَلْيَذْهَبَنَّ خِيَارُكُمْ وَلَيَبْقَيَنَّ شِرَارُكُمْ فَمُوتُوا إِنِ اسْتَطَعْتُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“You will be picked over just as (good) dates are selected (separated) from its bad ones. So the best of you will be taken and the worst of you will be left, so die if you can.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।