सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 4021

नंबर 4021किताब 36, नंबर 96
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ الصَّبَّاحِ، حَدَّثَنَا عَمَّارُ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ لَيْثٍ، عَنِ الْمِنْهَالِ، عَنْ زَاذَانَ، عَنِ الْبَرَاءِ بْنِ عَازِبٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏"‏ ‏{يَلْعَنُهُمُ اللَّهُ وَيَلْعَنُهُمُ اللاَّعِنُونَ }‏ ‏"‏ ‏.‏ قَالَ ‏"‏ دَوَابُّ الأَرْضِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Bara’ bin ‘Azib that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Allah will curse them and those who curse will curse them.” He said: “The inhabitants of the earth.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Daif IsnaadMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।