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सुनन इब्न माजा

नंबर 4004

नंबर 4004किताब 36, नंबर 79
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ هِشَامٍ، عَنْ هِشَامِ بْنِ سَعْدٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ عُثْمَانَ، عَنْ عَاصِمِ بْنِ عُمَرَ بْنِ عُثْمَانَ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ سَمِعْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَقُولُ ‏ "‏ مُرُوا بِالْمَعْرُوفِ وَانْهَوْا عَنِ الْمُنْكَرِ قَبْلَ أَنْ تَدْعُوا فَلاَ يُسْتَجَابَ لَكُمْ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that ‘Aishah said:“I heard the Messenger of Allah (ﷺ) say: ‘enjoin what is good and forbid what is evil, before you call and you are not answered.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 36 · Tribulations

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।