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सुनन इब्न माजा

नंबर 3916

नंबर 3916किताब 35, नंबर 24
حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ هِلاَلٍ الصَّوَّافُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَارِثِ بْنُ سَعِيدٍ، عَنْ أَيُّوبَ، عَنْ عِكْرِمَةَ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ مَنْ تَحَلَّمَ حُلُمًا كَاذِبًا كُلِّفَ أَنْ يَعْقِدَ بَيْنَ شَعِيرَتَيْنِ وَيُعَذَّبُ عَلَى ذَلِكَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn ‘Abbas that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“Whoever tells of a false dream, will be ordered (on the Day of Resurrection) to tie two grains of barley together, and he will be punished for that.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih BukhariZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · Interpretation of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।