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सुनन इब्न माजा

नंबर 3895

नंबर 3895किताब 35, नंबर 3
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، وَأَبُو كُرَيْبٍ قَالاَ حَدَّثَنَا عُبَيْدُ اللَّهِ بْنُ مُوسَى، أَنْبَأَنَا شَيْبَانُ، عَنْ فِرَاسٍ، عَنْ عَطِيَّةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ الْخُدْرِيِّ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ رُؤْيَا الرَّجُلِ الْمُسْلِمِ الصَّالِحِ جُزْءٌ مِنْ سَبْعِينَ جُزْءًا مِنَ النُّبُوَّةِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Sa’eed Al-Khudri that the Prophet (ﷺ) said:“The dream of a righteous Muslim man is one of the seventy parts of prophecy.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 35 · Interpretation of Dreams

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।