सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 3865

नंबर 3865किताब 34, नंबर 39
حَدَّثَنَا أَبُو بِشْرٍ، بَكْرُ بْنُ خَلَفٍ حَدَّثَنَا ابْنُ أَبِي عَدِيٍّ، عَنْ جَعْفَرِ بْنِ مَيْمُونٍ، عَنْ أَبِي عُثْمَانَ، عَنْ سَلْمَانَ، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ إِنَّ رَبَّكُمْ حَيِيٌّ كَرِيمٌ يَسْتَحْيِي مِنْ عَبْدِهِ أَنْ يَرْفَعَ إِلَيْهِ يَدَيْهِ فَيَرُدَّهُمَا صِفْرًا - أَوْ قَالَ خَائِبَتَيْنِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Salman that the :Prophet (saas) said: "Your Lord is Kind and Most Generous, and is too kind to let His slave, if he raises his hands to Him, bring them back empty," or he said "frustrated
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 34 · Supplication

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।