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सुनन इब्न माजा

नंबर 3787

नंबर 3787किताब 33, नंबर 131
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا خَالِدُ بْنُ مَخْلَدٍ، حَدَّثَنَا سُلَيْمَانُ بْنُ بِلاَلٍ، حَدَّثَنِي سُهَيْلٌ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏"‏ ‏{قُلْ هُوَ اللَّهُ أَحَدٌ}‏ تَعْدِلُ ثُلُثَ الْقُرْآنِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Abu Hurairah said that the Messenger of Allah(ﷺ) said:"Qul Huwa Allahu ahad [Say: He is Allah, (the) One] is equivalent to one third of the Quran
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।