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सुनन इब्न माजा

नंबर 3778

नंबर 3778किताब 33, नंबर 122
حَدَّثَنَا مَحْمُودُ بْنُ غَيْلاَنَ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، عَنْ بُرَيْدٍ، عَنْ جَدِّهِ أَبِي بُرْدَةَ، عَنْ أَبِي مُوسَى، عَنِ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَ ‏ "‏ إِذَا مَرَّ أَحَدُكُمْ فِي مَسْجِدِنَا أَوْ فِي سُوقِنَا وَمَعَهُ نَبْلٌ فَلْيُمْسِكْ عَلَى نِصَالِهَا بِكَفِّهِ أَنْ تُصِيبَ أَحَدًا مِنَ الْمُسْلِمِينَ بِشَىْءٍ أَوْ فَلْيَقْبِضْ عَلَى نِصَالِهَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Musa that the Prophet(ﷺ) said:"When anyone of you passes through our masjid or our marketplace carrying arrows, let him hold them by their heads, lest he hurt any Muslims
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।