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सुनन इब्न माजा

नंबर 3759

नंबर 3759किताब 33, नंबर 103
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا حَفْصٌ، وَأَبُو مُعَاوِيَةَ وَوَكِيعٌ عَنِ الأَعْمَشِ، عَنْ أَبِي صَالِحٍ، عَنْ أَبِي هُرَيْرَةَ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لأَنْ يَمْتَلِئَ جَوْفُ الرَّجُلِ قَيْحًا حَتَّى يَرِيَهُ خَيْرٌ لَهُ مِنْ أَنْ يَمْتَلِئَ شِعْرًا ‏"‏ ‏.‏ إِلاَّ أَنَّ حَفْصًا لَمْ يَقُلْ يَرِيَهُ ‏.‏
It was narrated from Abu Hurairah that the Messenger of Allah(ﷺ) said:"If a man were to fill his stomach completely with pus until it destroyed him, that would be better for him than filling (his mind) with poetry
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।