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सुनन इब्न माजा

नंबर 3747

नंबर 3747किताब 33, नंबर 91
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ زَكَرِيَّا بْنِ أَبِي زَائِدَةَ، وَعَلِيُّ بْنُ هَاشِمٍ، عَنِ ابْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ أَبِي الزُّبَيْرِ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِذَا اسْتَشَارَ أَحَدُكُمْ أَخَاهُ فَلْيُشِرْ عَلَيْهِ ‏"‏ ‏
It was narrated from Jabir that that the Messenger of Allah(ﷺ) said:"If one of you consults his brother, then let him advise him
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।