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सुनन इब्न माजा

नंबर 3738

नंबर 3738किताब 33, नंबर 82
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ أَبِي بُكَيْرٍ، حَدَّثَنَا زُهَيْرُ بْنُ مُحَمَّدٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُحَمَّدِ بْنِ عَقِيلٍ، عَنْ حَمْزَةَ بْنِ صُهَيْبٍ، أَنَّ عُمَرَ، قَالَ لِصُهَيْبٍ مَا لَكَ تَكْتَنِي بِأَبِي يَحْيَى وَلَيْسَ لَكَ وَلَدٌ ‏.‏ قَالَ كَنَّانِي رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ بِأَبِي يَحْيَى ‏.‏
It was narrated from Hamzah bin Suhaib that Umar said to Suhaib:"Why are you called Abu Yahya when you do not have a son?" He said: "The Messenger of Allah(ﷺ) gave me the Kunya of Abu Yahya
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।