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सुनन इब्न माजा

नंबर 3710

नंबर 3710किताब 33, नंबर 54
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا عِيسَى بْنُ يُونُسَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ مُسْلِمٍ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ سَابِطٍ، عَنْ جَابِرٍ، قَالَ قُلْتُ كَيْفَ أَصْبَحْتَ يَا رَسُولَ اللَّهِ قَالَ ‏ "‏ بِخَيْرٍ مِنْ رَجُلٍ لَمْ يُصْبِحْ صَائِمًا وَلَمْ يَعُدْ سَقِيمًا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Jabir said:"I said: 'How are you this morning, O Messenger of Allah?' He said: 'I am better than one who did not get up fasting, and who did not visit and sick
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।