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सुनन इब्न माजा

नंबर 3705

नंबर 3705किताब 33, नंबर 49
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ إِدْرِيسَ، وَغُنْدَرٌ، وَأَبُو أُسَامَةَ عَنْ شُعْبَةَ، عَنْ عَمْرِو بْنِ مُرَّةَ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ سَلِمَةَ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ عَسَّالٍ، أَنَّ قَوْمًا، مِنَ الْيَهُودِ قَبَّلُوا يَدَ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَرِجْلَيْهِ ‏.‏
It was narrated from Safwan bin 'Assal that:"Some people among the Jews kissed the hands and feet of the Prophet(ﷺ)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan SahihShuaib Al Arnaut
  • Isnaad HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।