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सुनन इब्न माजा

नंबर 3686

नंबर 3686किताब 33, नंबर 30
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ نُمَيْرٍ، حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ إِسْحَاقَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ جُعْشُمٍ، عَنْ أَبِيهِ، عَنْ عَمِّهِ، سُرَاقَةَ بْنِ جُعْشُمٍ قَالَ سَأَلْتُ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ عَنْ ضَالَّةِ الإِبِلِ تَغْشَى حِيَاضِي قَدْ لُطْتُهَا لإِبِلِي فَهَلْ لِي مِنْ أَجْرٍ إِنْ سَقَيْتُهَا فَقَالَ ‏ "‏ نَعَمْ فِي كُلِّ ذَاتِ كَبِدٍ حَرَّى أَجْرٌ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Suraqah bin Ju'shum said:"I asked the Messenger of Allah(ﷺ) about a lost camel that comes to my cisterns that I have prepared for my own camels - will I be rewarded if I give it some water to drink? He said: Yes, in every living being there is reward
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।