सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 3670

नंबर 3670किताब 33, नंबर 14
حَدَّثَنَا الْحُسَيْنُ بْنُ الْحَسَنِ، حَدَّثَنَا ابْنُ الْمُبَارَكِ، عَنْ فِطْرٍ، عَنْ أَبِي سَعْدٍ، عَنِ ابْنِ عَبَّاسٍ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ مَا مِنْ رَجُلٍ تُدْرِكُ لَهُ ابْنَتَانِ فَيُحْسِنُ إِلَيْهِمَا مَا صَحِبَتَاهُ أَوْ صَحِبَهُمَا إِلاَّ أَدْخَلَتَاهُ الْجَنَّةَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Ibn Abbas that the Messenger of Allah(ﷺ) said:"There is no man whose two daughters reach the age of puberty and he treats them kindly for the time they are together, but they will gain him admittance to Paradise
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • HasanAl-Albani
  • HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
  • SahihZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 33 · Etiquette

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।