حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَفَّانُ، حَدَّثَنَا وُهَيْبٌ، حَدَّثَنَا عَبْدُ اللَّهِ بْنُ عُثْمَانَ بْنِ خُثَيْمٍ، عَنْ سَعِيدِ بْنِ أَبِي رَاشِدٍ، عَنْ يَعْلَى الْعَامِرِيِّ، أَنَّهُ قَالَ جَاءَ الْحَسَنُ وَالْحُسَيْنُ يَسْعَيَانِ إِلَى النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَضَمَّهُمَا إِلَيْهِ وَقَالَ " إِنَّ الْوَلَدَ مَبْخَلَةٌ مَجْبَنَةٌ " .
It was narrated from Ya'la Al -Amir that he said:"Hasan and Hussain came running to the Prophet (ﷺ) and he embraced them and said: 'Children make a man a miser and a coward
स्रोत में दर्ज दर्जे
SahihAl-Albani
SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
Hasan LighairihiShuaib Al Arnaut
HasanZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।