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सुनन इब्न माजा

नंबर 3646

नंबर 3646किताब 32, नंबर 97
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا إِسْمَاعِيلُ بْنُ أَبِي أُوَيْسٍ، حَدَّثَنِي سُلَيْمَانُ بْنُ بِلاَلٍ، عَنْ يُونُسَ بْنِ يَزِيدَ الأَيْلِيِّ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ لَبِسَ خَاتَمَ فِضَّةٍ فِيهِ فَصٌّ حَبَشِيٌّ كَانَ يَجْعَلُ فَصَّهُ فِي بَطْنِ كَفِّهِ ‏.‏
It was narrated from Anas bin Malik that the Messenger of Allah (ﷺ) wore a silver ring with an Ethiopian gemstone, and he used to ear the stone in towards his palm
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Chapters on Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।