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सुनन इब्न माजा

नंबर 3639

नंबर 3639किताब 32, नंबर 90
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنْ أَيُّوبَ بْنِ مُوسَى، عَنْ نَافِعٍ، عَنِ ابْنِ عُمَرَ، قَالَ اتَّخَذَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ خَاتَمًا مِنْ وَرِقٍ ثُمَّ نَقَشَ فِيهِ مُحَمَّدٌ رَسُولُ اللَّهِ فَقَالَ ‏ "‏ لاَ يَنْقُشْ أَحَدٌ عَلَى نَقْشِ خَاتَمِي هَذَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Ibn ‘Umar said:“The Messenger of Allah (ﷺ) wore a ring of silver, then he had engraved on it (the words) ‘Muhammad Rasul Allah’ (Muhammad the Messenger of Allah). And he said: ‘No one should have his ring engraved like this ring of mine.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Chapters on Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।