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सुनन इब्न माजा

नंबर 3613

नंबर 3613किताब 32, नंबर 64
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا جَرِيرٌ، عَنْ مَنْصُورٍ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَلِيُّ بْنُ مُسْهِرٍ، عَنِ الشَّيْبَانِيِّ، ح وَحَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، حَدَّثَنَا غُنْدَرٌ، عَنْ شُعْبَةَ، كُلُّهُمْ عَنِ الْحَكَمِ، عَنْ عَبْدِ الرَّحْمَنِ بْنِ أَبِي لَيْلَى، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ عُكَيْمٍ، قَالَ أَتَانَا كِتَابُ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ أَنْ لاَ تَنْتَفِعُوا مِنَ الْمَيْتَةِ بِإِهَابٍ وَلاَ عَصَبٍ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that ‘Abdullah bin ‘Ukaym said:“There came to us a letter from the Prophet (ﷺ) (saying): ‘No not make use of the untanned skin and sinew of dead animals.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Chapters on Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।