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सुनन इब्न माजा

नंबर 3602

नंबर 3602किताब 32, नंबर 53
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا وَكِيعٌ، عَنْ أُسَامَةَ بْنِ زَيْدٍ، عَنْ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ حُنَيْنٍ، قَالَ سَمِعْتُ عَلِيًّا، يَقُولُ نَهَانِي رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ - وَلاَ أَقُولُ نَهَاكُمْ - عَنْ لُبْسِ الْمُعَصْفَرِ ‏.‏
It was narrated that ‘Abdullah bin Hunain said:“I heard ‘Ali say: ‘The Messenger of Allah (ﷺ) forbade me – and I do not say that he forbade you – from wearing clothes dyed with safflower.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Chapters on Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।