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सुनन इब्न माजा

नंबर 3575

नंबर 3575किताब 32, नंबर 26
حَدَّثَنَا يَعْقُوبُ بْنُ إِبْرَاهِيمَ الدَّوْرَقِيُّ، حَدَّثَنَا أَبُو تُمَيْلَةَ، عَنْ عَبْدِ الْمُؤْمِنِ بْنِ خَالِدٍ، عَنِ ابْنِ بُرَيْدَةَ، عَنْ أُمِّهِ، عَنْ أُمِّ سَلَمَةَ، قَالَتْ لَمْ يَكُنْ ثَوْبٌ أَحَبَّ إِلَى رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ مِنَ الْقَمِيصِ ‏.‏
It was narrated that Umm Salamah said:There was no garment more beloved to the Messenger of Allah (ﷺ) than the shirt.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • HasanShuaib Al Arnaut
  • HasanZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Chapters on Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।