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सुनन इब्न माजा

नंबर 3568

नंबर 3568किताब 32, नंबर 19
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ حَسَّانَ الأَزْرَقُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْمَجِيدِ بْنُ أَبِي رَوَّادٍ، حَدَّثَنَا مَرْوَانُ بْنُ سَالِمٍ، عَنْ صَفْوَانَ بْنِ عَمْرٍو، عَنْ شُرَيْحِ بْنِ عُبَيْدٍ الْحَضْرَمِيِّ، عَنْ أَبِي الدَّرْدَاءِ، قَالَ قَالَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ إِنَّ أَحْسَنَ مَا زُرْتُمُ اللَّهَ بِهِ فِي قُبُورِكُمْ وَمَسَاجِدِكُمُ الْبَيَاضُ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Abu Darda’ that the Messenger of Allah (ﷺ) said:“The best of that in which you visit Allah in your graves and your mosque is white (garments).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • MawduAl-Albani
  • MawduMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Chapters on Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।