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सुनन इब्न माजा

नंबर 3563

नंबर 3563किताब 32, नंबर 14
حَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ عُثْمَانَ بْنِ كَرَامَةَ، حَدَّثَنَا أَبُو أُسَامَةَ، حَدَّثَنَا الأَحْوَصُ بْنُ حَكِيمٍ، عَنْ خَالِدِ بْنِ مَعْدَانَ، عَنْ عُبَادَةَ بْنِ الصَّامِتِ، قَالَ خَرَجَ عَلَيْنَا رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ذَاتَ يَوْمٍ وَعَلَيْهِ جُبَّةٌ رُومِيَّةٌ مِنْ صُوفٍ ضَيِّقَةُ الْكُمَّيْنِ فَصَلَّى بِنَا فِيهَا لَيْسَ عَلَيْهِ شَىْءٌ غَيْرُهَا ‏.‏
It was narrated that ‘Ubadah bin Samit said:“The Messenger of Allah (ﷺ) came out to us one day, wearing a Roman cloak of wool with narrow sleeves. He led us in prayer wearing that, and nothing else.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Chapters on Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।