सीधे कंटेंट पर जाएँ
सुनन इब्न माजा

नंबर 3556

नंबर 3556किताब 32, नंबर 7
حَدَّثَنَا يَحْيَى بْنُ عُثْمَانَ بْنِ سَعِيدِ بْنِ كَثِيرِ بْنِ دِينَارٍ الْحِمْصِيُّ، حَدَّثَنَا بَقِيَّةُ بْنُ الْوَلِيدِ، عَنْ يُوسُفَ بْنِ أَبِي كَثِيرٍ، عَنْ نُوحِ بْنِ ذَكْوَانَ، عَنِ الْحَسَنِ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ لَبِسَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ الصُّوفَ وَاحْتَذَى الْمَخْصُوفَ وَلَبِسَ ثَوْبًا خَشِنًا خَشِنًا ‏.‏
It was narrated that Anas said:“The Messenger of Allah (ﷺ) wore wool and sandals, and he wore coarse, rough garments.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Very DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Chapters on Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।