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सुनन इब्न माजा

नंबर 3553

नंबर 3553किताब 32, नंबर 4
حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ عَبْدِ الأَعْلَى، حَدَّثَنَا ابْنُ وَهْبٍ، حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنْ إِسْحَاقَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ أَبِي طَلْحَةَ، عَنْ أَنَسِ بْنِ مَالِكٍ، قَالَ كُنْتُ مَعَ النَّبِيِّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ وَعَلَيْهِ رِدَاءٌ نَجْرَانِيٌّ غَلِيظُ الْحَاشِيَةِ ‏.‏
It was narrated that Anas bin Malik said:“I was with the Messenger of Allah (ﷺ) and over him was a Najrani upper wrap with a thick border.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Chapters on Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।