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सुनन इब्न माजा

नंबर 3550

नंबर 3550किताब 32, नंबर 1
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ بْنُ عُيَيْنَةَ، عَنِ الزُّهْرِيِّ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، قَالَتْ صَلَّى رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فِي خَمِيصَةٍ لَهَا أَعْلاَمٌ فَقَالَ ‏ "‏ شَغَلَنِي أَعْلاَمُ هَذِهِ اذْهَبُوا بِهَا إِلَى أَبِي جَهْمٍ وَائْتُونِي بِأَنْبِجَانِيَّتِهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that ‘Aishah said:“The Messenger of Allah (ﷺ) prayed in a Khamisah* that had markings on it. Then he said: ‘These markings distracted me. Take it to Abu Jahm and bring me an Anbijaniyyah.’”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 32 · Chapters on Dress

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।