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सुनन इब्न माजा

नंबर 3542

नंबर 3542किताब 31, नंबर 107
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرٍ، وَمُجَاهِدُ بْنُ مُوسَى، وَمُحَمَّدُ بْنُ خَلَفٍ الْعَسْقَلاَنِيُّ، قَالُوا حَدَّثَنَا يُونُسُ بْنُ مُحَمَّدٍ، حَدَّثَنَا مُفَضَّلُ بْنُ فَضَالَةَ، عَنْ حَبِيبِ بْنِ الشَّهِيدِ، عَنْ مُحَمَّدِ بْنِ الْمُنْكَدِرِ، عَنْ جَابِرِ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ، أَنَّ رَسُولَ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ أَخَذَ بِيَدِ رَجُلٍ مَجْذُومٍ فَأَدْخَلَهَا مَعَهُ فِي الْقَصْعَةِ ثُمَّ قَالَ ‏ "‏ كُلْ ثِقَةً بِاللَّهِ وَتَوَكُّلاً عَلَى اللَّهِ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from Jabir bin ‘Abdullah that the Messenger of Allah (ﷺ) took the hand of a leper and made him eat with him, and said:“Eat, with trust in Allah and reliance upon Allah.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • DaifAl-Albani
  • DaifMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifShuaib Al Arnaut
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।