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सुनन इब्न माजा

नंबर 3537

नंबर 3537किताब 31, नंबर 102
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا يَزِيدُ بْنُ هَارُونَ، أَنْبَأَنَا شُعْبَةُ، عَنْ قَتَادَةَ، عَنْ أَنَسٍ، قَالَ قَالَ النَّبِيُّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ ‏ "‏ لاَ عَدْوَى وَلاَ طِيَرَةَ وَأُحِبُّ الْفَأْلَ الصَّالِحَ ‏"‏ ‏.‏
It was narrated that Anas said:“The Prophet (ﷺ) said: ‘There is no ‘Adwa* and no omen, but I like Al-Fa’l As-Salih.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।