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सुनन इब्न माजा

नंबर 3529

नंबर 3529किताब 31, नंबर 94
حَدَّثَنَا سَهْلُ بْنُ أَبِي سَهْلٍ، قَالَ حَدَّثَنَا مَعْنُ بْنُ عِيسَى، ح وَحَدَّثَنَا مُحَمَّدُ بْنُ يَحْيَى، حَدَّثَنَا بِشْرُ بْنُ عُمَرَ، قَالاَ حَدَّثَنَا مَالِكٌ، عَنِ ابْنِ شِهَابٍ، عَنْ عُرْوَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ إِذَا اشْتَكَى يَقْرَأُ عَلَى نَفْسِهِ الْمُعَوِّذَاتِ وَيَنْفِثُ فَلَمَّا اشْتَدَّ وَجَعُهُ كُنْتُ أَقْرَأُ عَلَيْهِ وَأَمْسَحُ بِيَدِهِ رَجَاءَ بَرَكَتِهَا ‏.‏
It was narrated from ‘Aishah:“Whenever the Prophet (ﷺ) fell ill, he would recite the Mu’awwidhat and blow, and when his pain grew worse, I would recite over him and wipe his hand over him, hoping for its blessing.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।