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सुनन इब्न माजा

नंबर 3521

नंबर 3521किताब 31, नंबर 86
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَبْدِ رَبِّهِ، عَنْ عَمْرَةَ، عَنْ عَائِشَةَ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ كَانَ مِمَّا يَقُولُ لِلْمَرِيضِ بِبُزَاقِهِ بِإِصْبَعِهِ ‏ "‏ بِسْمِ اللَّهِ بِتُرْبَةِ أَرْضِنَا بِرِيقَةِ بَعْضِنَا لِيُشْفَى سَقِيمُنَا بِإِذْنِ رَبِّنَا ‏"‏ ‏.‏
It was narrated from ‘Aishah that one of the things that the Prophet (ﷺ) used to say for the sick person, with saliva on his finger (dipped in dust), was:“Bismillah, turbatu ardina, biriqati ba’dina, liyushfa saqimuna. Bi’dhni Rabbina (In the Name of Allah, the dust of our land mixed with the saliva of one of us, to cure our sick one by the permission of our Lord).”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • SahihShuaib Al Arnaut
  • Sahih - Agreed UponZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।