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सुनन इब्न माजा

नंबर 3519

नंबर 3519किताब 31, नंबर 84
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا عَفَّانُ، حَدَّثَنَا عَبْدُ الْوَاحِدِ بْنُ زِيَادٍ، حَدَّثَنَا عُثْمَانُ بْنُ حَكِيمٍ، حَدَّثَنِي أَبُو بَكْرِ بْنُ عَمْرِو بْنِ حَزْمٍ، عَنْ عَمْرِو بْنِ حَزْمٍ، قَالَ عَرَضْتُ النَّهْشَةَ مِنَ الْحَيَّةِ عَلَى رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ فَأَمَرَ بِهَا ‏.‏
It was narrated that ‘Amr bin Hazm said:“I recited the Ruqyah for snakebite to the Messenger of Allah (ﷺ), or it was recited to him, and he commanded that it be used.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • Daif IsnaadAl-Albani
  • Daif IsnaadMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।