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सुनन इब्न माजा

नंबर 3516

नंबर 3516किताब 31, नंबर 81
حَدَّثَنَا عَبْدَةُ بْنُ عَبْدِ اللَّهِ، حَدَّثَنَا مُعَاوِيَةُ بْنُ هِشَامٍ، حَدَّثَنَا سُفْيَانُ، عَنْ عَاصِمٍ، عَنْ يُوسُفَ بْنِ عَبْدِ اللَّهِ بْنِ الْحَارِثِ، عَنْ أَنَسٍ، أَنَّ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ رَخَّصَ فِي الرُّقْيَةِ مِنَ الْحُمَةِ وَالْعَيْنِ وَالنَّمْلَةِ ‏.‏
It was narrated from Anas that the Prophet (ﷺ) allowed Ruqyah for the scorpion’s sting, the evil eye, and Namlah (sores or small pustules ulcers or sores on a person’s sides)
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • Sahih MuslimZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।