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सुनन इब्न माजा

नंबर 3511

नंबर 3511किताब 31, नंबर 76
حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا سَعِيدُ بْنُ سُلَيْمَانَ، عَنْ عَبَّادٍ، عَنِ الْجُرَيْرِيِّ، عَنْ أَبِي نَضْرَةَ، عَنْ أَبِي سَعِيدٍ، قَالَ كَانَ رَسُولُ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ يَتَعَوَّذُ مِنْ عَيْنِ الْجَانِّ وَأَعْيُنِ الإِنْسِ فَلَمَّا نَزَلَتِ الْمُعَوِّذَتَانِ أَخَذَهُمَا وَتَرَكَ مَا سِوَى ذَلِكَ ‏.‏
It was narrated that Abu Sa’eed said:“The Messenger of Allah (ﷺ) used to seek refuge from the evil eye of the jinn and of mankind. When the Mu’awwidhatain* were revealed, he started to recite them and stopped reciting anything else.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
  • SahihAl-Albani
  • SahihMuhammad Fouad Abd al-Baqi
  • DaifZubair Ali Zai

हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।

किताब 31 · Chapters on Medicine

अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।