حَدَّثَنَا أَبُو بَكْرِ بْنُ أَبِي شَيْبَةَ، حَدَّثَنَا زَيْدُ بْنُ الْحُبَابِ، حَدَّثَنَا فَائِدٌ، مَوْلَى عُبَيْدِ اللَّهِ بْنِ عَلِيِّ بْنِ أَبِي رَافِعٍ حَدَّثَنِي مَوْلاَىَ، عُبَيْدُ اللَّهِ حَدَّثَتْنِي جَدَّتِي، سَلْمَى أُمُّ رَافِعٍ مَوْلاَةُ رَسُولِ اللَّهِ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَالَتْ كَانَ لاَ يُصِيبُ النَّبِيَّ ـ صلى الله عليه وسلم ـ قَرْحَةٌ وَلاَ شَوْكَةٌ إِلاَّ وَضَعَ عَلَيْهِ الْحِنَّاءَ .
Salma Umm Rafi’, the freed slave woman of the Messenger of Allah (ﷺ), said:“The Prophet (ﷺ) did not suffer any injury or thorn- prick but he would apply henna to it.”
स्रोत में दर्ज दर्जे
HasanAl-Albani
HasanMuhammad Fouad Abd al-Baqi
DaifZubair Ali Zai
हर रिवायत के नीचे डेटासेट का अपना तर्जुमा है, जैसा है वैसा ही दिखाया गया है। इसमें तर्जुमा करने वाले का नाम नहीं है, इसके हुक़ूक़ की तस्दीक़ नहीं हुई है, और किसी ने इसे अरबी से मिलाकर नहीं जाँचा है; कुछ रिवायतों का तर्जुमा है ही नहीं। असल टेक्स्ट अरबी है। डेटासेट में इस किताब का इस भाषा में कोई तर्जुमा नहीं है, इसलिए अंग्रेज़ी दिखाई जा रही है।
अरबी टेक्स्ट, नंबरिंग, किताबों के नाम और दर्जे ठीक वैसे ही दिखाए गए हैं जैसे वे एक खुले डेटासेट (hadith-api) में हैं। सबील ने अभी न उसके सही होने की तस्दीक़ की है, न उसके हुक़ूक़ की, और उसकी इल्मी जाँच अभी शुरू नहीं हुई है। तब तक किसी रिवायत पर भरोसा करने से पहले उसे किसी छपे हुए एडिशन से मिला लें।